Wednesday, 31 August 2016

जैन मुनि श्री तरुण सागर जी की मुनि चर्या पर टिप्पणी करने वाले कॉंग्रेस नेता तहसीन पूना वाला की दृष्टता पर कॉंग्रेस मूक दर्शक क्यों?

जैन मुनि श्री तरुण सागर जी की मुनि चर्या पर टिप्पणी करने वाले कॉंग्रेस नेता तहसीन पूना वाला की दृष्टता पर कॉंग्रेस मूक दर्शक क्यों?
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पिछले दिनों दिगम्बर परम्परा के जैन सन्त क्रन्तिकारी मुनि श्री तरुण सागर जी के हरियाणा सरकार के आमन्त्रण पर विधानसभा में हुए उदबोधन के पश्चात मुनि श्री की मुनिचर्या पर स्तरहीन कमेंट करने वाले व मुनि श्री के फोटो के समकक्ष अश्लीलता की जनक किसी कलाकार का चित्र नत्थी कर फ़िल्मी संगीतकार विशाल ददलानी ने अपनी मानसिक विकृति का परिचय दिया, और इसी स्वछन्द व निरंकुश वृति के द्योतक एंव बदजुबानी के प्रतीक कॉंग्रेसी नेता तहसीन पूनावाला द्वारा ददलानी के स्वर में स्वर मिला कर मुनि श्री की मुनिचर्या पर कटाक्ष एंव आपत्तिजनक टिप्पणियॉ करने के फलस्वरूप सम्पुर्ण जैन समुदाय में गहरा आक्रोश हैं, और स्वभाविक भी हैं कि अपने त्यागी-वैरागी साधू-सन्तों पर कुछ सिरफिरों के शाब्दिक हमले से सम्पुर्ण जैन समुदाय आहत हुआ हैं, चूँकि इस  वारदात का न बल्कि सम्पुर्ण जैन समाज की और से बल्कि विभिन्न धर्मो व विभिन्न मान्यताओं के लोगों ने भी पुरजोर आवाज में विरोध प्रकट किया हैं, तथा कुछ जगहों पर इन तत्वों के विरुद्ध क़ानूनी करवाई भी की गई हैं, आप पार्टी से जुड़े विशाल ददलानी के इस कृत्य पर आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो श्री अरविन्द केजरीवाल ने पहले तथा दिल्ली के मंत्री एंव आप नेता श्री सत्येंद्र जैन ने मुनि श्री तरुण सागर जी से रूबरू मिल कर इस घटना के सन्दर्भ में माफ़ी मांगी हैं, हालाँकि ऐसे  कृत्य के लिए माफ़ी शब्द नाकाफी हैं, माफ़ी तो श्री अरविन्द केजरीवाल को इस बात के लिए भी मांगनी चाहिए कि दिल्ली विधानसभा में मुनि श्री तरुणसागर जी को उदबोधन हेतु आमन्त्रण देकर वे मुकर गए, दूसरी और तहसीन पूनावाला की मुनि श्री पर गलत टिप्पणी का समर्थन करने के बावजूद उन्हें ना तो कोई पश्ताताप हैं और ना ही कोई  अफ़सोस,उल्टा वह IBN -7 पर मुनि श्री तरुण सागर जी की मुनिचर्या पर बहस हेतु उतारू था, यानि उसे इस कृत्य पर किसी तरह की शर्मिंदगी नही हैं,  ताज्जुब यह हैं कि कॉंग्रेस पार्टी जिसमें अतीत में प्रकाश चन्द्र सेठी (मध्य प्रदेश) विरधी चन्द जैन (बाड़मेर) वर्तमान में भी जवाहर लाल दर्डा एंव विजय दर्डा, प्रदीप जैन आदि अनेक नेता रहे, उस पार्टी से जुड़ा एक युवा नेता जैन मुनि के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी कर सम्पुर्ण जैन समुदाय की भावनाओं ठेस पहुंचाए और उस पार्टी का शीर्ष नेतृत्व मूकदर्शक बना रहे ये हैरान करने वाला दृष्टान्त हैं, कॉंग्रेस पार्टी को अविलम्ब रूप से तहसीन पूनावाला को पार्टी से बाहर का रास्ता बताना चाहिए,
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लेखक-गणपत भंसाली (सूरत)
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इस घटनाक्रम के पश्चात पुरे देश में इन तत्वों का विरोध हो रहा हैं, लेकिन विरोध के इस क्रम में हम सभी जैन समुदाय से जुड़े बन्धुओं को जोश के साथ होश भी रखना हैं, ऐसा ना हो कि हमारा विरोध का स्तर उसी पैमाने पर आकर खड़ा हो जाए जिसके लिए हमारा समाज संघर्ष रत हैं, हमे यह सावधानी बरतनी होगी कि सोश्यल मीडिया के फेसबुक, वाट्सएप व ट्विटर आदि माध्यमो से प्राप्त किसी ऐसे विवादास्पद मेसेज को पोस्ट या फॉरवर्ड करने से बचना हे जो कहीं विवाद को जन्म नही दे दे, हमारा एतराज दृष्टता करने वाले व्यक्ति से हैं अतः हम कोई ऐसी पोस्ट को प्रेषित ना करें जिसमें स्तरहीन भाषा का उपयोग किया गया हो या जाति सूचक व एतराज वाले शब्द इस्तेमाल किए गए हो, हमे यह स्मरण रखना चाहिए कि हम दया अहिंसा व करुणा के सन्देश से पोषित जैन समुदाय से जुड़े हुए हैं, हमारी भाषावली आपत्तिजनक एंव उतेजना को बढ़ावा देने वाली कदापि नही होनी चाहिए, हमे यह भी स्मरण रखना चाहिए कि हम इन दिनों क्षमा पर्व पर्युषण पर्व की आराधना में लीन हैं, आगामी दिनों दस लक्षण पर्व भी प्रारंम्भ हो जाएगा, अतः हमे यह हर सम्भव प्रयास करना हैं कि हमारा विरोध शांतिपूर्वक व शालीनता पूर्वक हो,
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गणपत भंसाली
Jasolwala@gmail.com

Thursday, 4 August 2016

काश इन नन्हे मुन्ने एवं युवा विद्यार्थियों की तरह हम भी रखते पॉजिटिव दृष्टिकोण

काश इन नन्हे- मुन्ने एंव युवा विद्यार्थियों की तरह हम भी रखते पॉजिटिव दृष्टिकोण
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गणपत भंसाली
हजारों नन्हें-मुन्ने एंव युवा विद्यार्थियों के बीच आज सुबह-सुबह कुछ लम्हें गुजारे, सचमूच में एक अलग व अनूठा अहसास, विद्यार्थी अनन्त ऊर्जा व जज्बे से लबालब, उनके चेहरे पर सर्वत्र छाई हुई बेतहाशा ताजगी , गजब का अल्हड़ पन एंव भरपूर मस्ती, सचमूच में असीम आनन्द की अनुभूति, प्रसङ्ग था हजारों विद्यार्थियों के बीच 12 नोनिहालों के सम्मानित होने का और अपने सहपाठियों के सम्मान में छात्र-छात्राओं ने तालियों की करतल ध्वनि ऐसी गजब से गूंजाई कि मानो आकाश गरज उठा हो ! काश हम उम्र में बड़े इस तरह की प्रमोद भावना रखते ? इस तरह का आपसी सोहार्द रखते. कितना सुखद अहसास होता हैं कि कुछ विजेता विद्यार्थियों के सम्मान में. और उस ख़ुशी में. तमाम के तमाम विद्यार्थियों के चेहरों पर खुशियों की बहार छा जाए. अनेकों सावन देख चुके हम अधिकांश किसी को सम्मानित होते देखते हैं तो मारे जलन के हमारा चेहरा तक मुरझा जाता हैं. और ये नन्हे मुन्ने औरों की ख़ुशी को अपनी ख़ुशी मान कर गुलाब की तरह खिल एंव महक उठते हैं. कितना पॉजिटिव दृष्टिकोण हैं इन नन्ही पौधों का. हम में से अधिकांश लोग मन्दिरों- मस्जिदों. गिरिजा घरों. देहरासरों. स्थानकों व समाज भवनों में पूजा-अर्चना एंव धर्म–ध्यान. तप-जप जैसे अनुष्ठानो तथा साधू- सन्तों आदि के प्रवचनों में सम्मिलित होते हैं. और ये नन्हे- मुन्ने बिना किसी अनुष्ठानो में सम्मिलित हुए एक- दूसरे के प्रति गजब की मैत्री एंव सोहार्द की भावना रखते हैं, आज 29 जुलाई को सुबह-सुबह करीब पौने नो बजे हम ट्रैफ़िक अवैयरनेस ग्रुप (टेग) के अध्यक्ष एंव युवा एडवोकेट श्री अरुण लाहोटी के नेतृत्व में वेसू स्थित अग्रवाल विद्या विहार स्कुल पहुंचे. विद्यालय के विशाल प्रांगण में चार अलग-अलग रंग के टी शर्ट में उपस्थित हजारों विद्यार्थियों की मौजूदगी से एक नयनाभिराम दृश्य दृष्टिगोचर हो रहा था. अग्रवाल विद्या विहार के प्रबन्धकों की इस सोच को नमन करता हूँ कि उन्होंने विद्यार्थियों के तन पर सजे इन टी शर्टों के पीछे वाले भाग पर जो नाम अंकित कराए, वे अतीत में कभी भारत के भाग्य विधाता रहे हैं. उन शख्सों के नाम इन टी शर्टों पर उकेरे गए थे. जिन्होंने अपने व्यक्तित्व एंव कर्तत्व से हिंदुस्तान का गौरव बढ़ाया. गहरा हरा. लाल. केशरिया व बल्यू कलर के टी शर्टों पर जिन किरदारों के नाम दिखाई दे रहे थे उनमे 'टेगोर' 'शिवाजी' 'रमण' व 'अशोका' जैसे महापुरुषों के नाम पर थे. इन विरले नामो के उल्लेख मात्र से ही गौरव की अनुभूति हो उठती हैं. बहरहाल चार अलग-अलग रंगों के परिधानों में सजे ये विद्यार्थी आज ट्रैफ़िक अवैयरनेस ग्रुप (टेग) द्वारा विगत दिनों यातायात जागरूकता अभियान के अंतर्गत आयोजित ड्राईंग कॉम्पिटेशन के विजेताओं को सम्मानित किए जाने के अवसर पर एकत्रित हुए थे. अध्ययन के कुछ लम्हों में से कुछ क्षण नियोजित कर वे इस सम्मान समारोह में शामिल हुए थे. हमारे 'टेग' समूह से अरुण लाहोटी. राजेश माहेश्वरी, मोहित अग्रवाल, रितेश लाहोटी, अनिल बोथरा तथा मेरा (गणपत भंसाली का ) भी समावेश था. 'टेग' सदस्यों ने ड्राईंग कॉम्पिटेशन के उन 12 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया. जिन्होंने यातायात जागरूकता के उद्देश्य से मनमोहक ड्राईंग बनाई थी. 12 स्टूडेंट्स के आलावा स्कुल के अध्यापक श्री तेजस शाह. अल्पेश सर व बबिता मेम को भी सम्मानित किया गया. उल्लेखनीय हैं कि 'टेग' द्वारा कुछ माह पूर्व शहर की एल पी सवानी. अग्रवाल विद्या विहार. माहेश्वरी विद्यापीठ एंव ड्रीम हाई स्कॉलर के कुल दस हजार स्टूडेंट्स के बीच ट्राफिक अवयरनेश विषय पर ड्राईंग कॉम्पिटेशन आयोजित किया गया था, अतः इन चारों स्कूलों के विजेता प्रतियोगियों को हाल ही में अलग-अलग दौर में सम्मानित किया गया हैं