Thursday, 4 August 2016

काश इन नन्हे मुन्ने एवं युवा विद्यार्थियों की तरह हम भी रखते पॉजिटिव दृष्टिकोण

काश इन नन्हे- मुन्ने एंव युवा विद्यार्थियों की तरह हम भी रखते पॉजिटिव दृष्टिकोण
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गणपत भंसाली
हजारों नन्हें-मुन्ने एंव युवा विद्यार्थियों के बीच आज सुबह-सुबह कुछ लम्हें गुजारे, सचमूच में एक अलग व अनूठा अहसास, विद्यार्थी अनन्त ऊर्जा व जज्बे से लबालब, उनके चेहरे पर सर्वत्र छाई हुई बेतहाशा ताजगी , गजब का अल्हड़ पन एंव भरपूर मस्ती, सचमूच में असीम आनन्द की अनुभूति, प्रसङ्ग था हजारों विद्यार्थियों के बीच 12 नोनिहालों के सम्मानित होने का और अपने सहपाठियों के सम्मान में छात्र-छात्राओं ने तालियों की करतल ध्वनि ऐसी गजब से गूंजाई कि मानो आकाश गरज उठा हो ! काश हम उम्र में बड़े इस तरह की प्रमोद भावना रखते ? इस तरह का आपसी सोहार्द रखते. कितना सुखद अहसास होता हैं कि कुछ विजेता विद्यार्थियों के सम्मान में. और उस ख़ुशी में. तमाम के तमाम विद्यार्थियों के चेहरों पर खुशियों की बहार छा जाए. अनेकों सावन देख चुके हम अधिकांश किसी को सम्मानित होते देखते हैं तो मारे जलन के हमारा चेहरा तक मुरझा जाता हैं. और ये नन्हे मुन्ने औरों की ख़ुशी को अपनी ख़ुशी मान कर गुलाब की तरह खिल एंव महक उठते हैं. कितना पॉजिटिव दृष्टिकोण हैं इन नन्ही पौधों का. हम में से अधिकांश लोग मन्दिरों- मस्जिदों. गिरिजा घरों. देहरासरों. स्थानकों व समाज भवनों में पूजा-अर्चना एंव धर्म–ध्यान. तप-जप जैसे अनुष्ठानो तथा साधू- सन्तों आदि के प्रवचनों में सम्मिलित होते हैं. और ये नन्हे- मुन्ने बिना किसी अनुष्ठानो में सम्मिलित हुए एक- दूसरे के प्रति गजब की मैत्री एंव सोहार्द की भावना रखते हैं, आज 29 जुलाई को सुबह-सुबह करीब पौने नो बजे हम ट्रैफ़िक अवैयरनेस ग्रुप (टेग) के अध्यक्ष एंव युवा एडवोकेट श्री अरुण लाहोटी के नेतृत्व में वेसू स्थित अग्रवाल विद्या विहार स्कुल पहुंचे. विद्यालय के विशाल प्रांगण में चार अलग-अलग रंग के टी शर्ट में उपस्थित हजारों विद्यार्थियों की मौजूदगी से एक नयनाभिराम दृश्य दृष्टिगोचर हो रहा था. अग्रवाल विद्या विहार के प्रबन्धकों की इस सोच को नमन करता हूँ कि उन्होंने विद्यार्थियों के तन पर सजे इन टी शर्टों के पीछे वाले भाग पर जो नाम अंकित कराए, वे अतीत में कभी भारत के भाग्य विधाता रहे हैं. उन शख्सों के नाम इन टी शर्टों पर उकेरे गए थे. जिन्होंने अपने व्यक्तित्व एंव कर्तत्व से हिंदुस्तान का गौरव बढ़ाया. गहरा हरा. लाल. केशरिया व बल्यू कलर के टी शर्टों पर जिन किरदारों के नाम दिखाई दे रहे थे उनमे 'टेगोर' 'शिवाजी' 'रमण' व 'अशोका' जैसे महापुरुषों के नाम पर थे. इन विरले नामो के उल्लेख मात्र से ही गौरव की अनुभूति हो उठती हैं. बहरहाल चार अलग-अलग रंगों के परिधानों में सजे ये विद्यार्थी आज ट्रैफ़िक अवैयरनेस ग्रुप (टेग) द्वारा विगत दिनों यातायात जागरूकता अभियान के अंतर्गत आयोजित ड्राईंग कॉम्पिटेशन के विजेताओं को सम्मानित किए जाने के अवसर पर एकत्रित हुए थे. अध्ययन के कुछ लम्हों में से कुछ क्षण नियोजित कर वे इस सम्मान समारोह में शामिल हुए थे. हमारे 'टेग' समूह से अरुण लाहोटी. राजेश माहेश्वरी, मोहित अग्रवाल, रितेश लाहोटी, अनिल बोथरा तथा मेरा (गणपत भंसाली का ) भी समावेश था. 'टेग' सदस्यों ने ड्राईंग कॉम्पिटेशन के उन 12 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया. जिन्होंने यातायात जागरूकता के उद्देश्य से मनमोहक ड्राईंग बनाई थी. 12 स्टूडेंट्स के आलावा स्कुल के अध्यापक श्री तेजस शाह. अल्पेश सर व बबिता मेम को भी सम्मानित किया गया. उल्लेखनीय हैं कि 'टेग' द्वारा कुछ माह पूर्व शहर की एल पी सवानी. अग्रवाल विद्या विहार. माहेश्वरी विद्यापीठ एंव ड्रीम हाई स्कॉलर के कुल दस हजार स्टूडेंट्स के बीच ट्राफिक अवयरनेश विषय पर ड्राईंग कॉम्पिटेशन आयोजित किया गया था, अतः इन चारों स्कूलों के विजेता प्रतियोगियों को हाल ही में अलग-अलग दौर में सम्मानित किया गया हैं

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